Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) आंदोलन की आड़ में राज्य सरकार को अस्थिर करने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जान से मारने की धमकी देने के आरोपी विश्वजीत समादार की जमानत याचिका पर सोमवार को रांची के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में सुनवाई हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने रांची पुलिस को आरोपी का विस्तृत आपराधिक इतिहास प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
छात्र नहीं होने के बावजूद आंदोलन में शामिल होने का आरोप
जांच के दौरान पुलिस पूछताछ में विश्वजीत समादार ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि वह छात्र नहीं है, इसके बावजूद राजनीतिक हितों को साधने के उद्देश्य से छात्र आंदोलन में शामिल हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी बोकारो जिले के थर्मल क्षेत्र का रहने वाला है।
राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है आरोपी
जांच में सामने आया है कि विश्वजीत समादार वर्ष 2020 से 2022 तक राष्ट्रीय बजरंग दल का बोकारो जिला प्रमुख रहा। इसके बाद वर्ष 2022 से वह अंतरराष्ट्रीय विश्व हिंदू परिषद के बोकारो जिला अध्यक्ष के रूप में काम कर रहा है।
आंदोलन के जरिए माहौल बिगाड़ने का आरोप
पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपी का कथित उद्देश्य जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन का इस्तेमाल कर राज्य सरकार के खिलाफ अविश्वास और नफरत का माहौल तैयार करना था। साथ ही, मुख्यमंत्री को धमकी देने के मामले में भी पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
अब अदालत के निर्देश के बाद पुलिस द्वारा आरोपी का आपराधिक इतिहास पेश किया जाएगा। इसके आधार पर उसकी जमानत याचिका पर आगे की सुनवाई होगी।


