जेपीएससी विवाद पर कांग्रेस और राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग
Ranchi : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व राज्यपाल रघुवर दास ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर नीट परीक्षा को लेकर राजनीति करने और झारखंड में परीक्षा घोटालों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया।
रघुवर दास ने कहा कि यदि कांग्रेस और वाम दलों में छात्रों के प्रति थोड़ी भी नैतिकता और गंभीरता बची है तो उन्हें झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जेपीएससी में सामने आए कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर राहुल गांधी और कांग्रेस जिम्मेदार लोगों से इस्तीफे की मांग क्यों नहीं कर रहे हैं।
14वीं जेपीएससी परीक्षा सहित सभी मामलों की सीबीआई जांच की मांग
उन्होंने आरोप लगाया कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश की कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड निजी एजेंसी टीडीपीएल को परीक्षा प्रक्रिया के कई महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए। उन्होंने कहा कि एजेंसी को काम कैसे मिला, इसकी निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। साथ ही जेपीएससी और जेएसएससी की पूर्व की सभी कथित अनियमितताओं की भी सीबीआई जांच कराने की मांग की।
उत्पाद सिपाही भर्ती में मृत छात्रों के परिजनों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने की मांग
रघुवर दास ने उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा की दौड़ के दौरान जान गंवाने वाले 19 अभ्यर्थियों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है।
केंद्र सरकार के कदमों का किया उल्लेख
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मामलों को रोकने के लिए कड़े कानून लागू किए हैं, जिनमें दोषियों के लिए 10 वर्ष तक की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर सार्थक चर्चा करनी चाहिए।
रघुवर दास ने छात्रों से किसी भी राजनीतिक उकसावे में नहीं आने और लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह भी उपस्थित थे।


