कमला प्रसाद-बिसेसर: “बिहार की बेटी” से त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री तक का प्रेरणादायक सफर

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Buxar: त्रिनिदाद और टोबैगो की वर्तमान प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर को हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “बिहार की बेटी” कहकर संबोधित किया. यह टिप्पणी उस समय आई जब मोदी ने अपनी कैरेबियाई यात्रा के दौरान भारतीय समुदाय को संबोधित किया और कमला के पैतृक गांव भेलूपुर (जिला बक्सर, बिहार) की ओर इशारा किया. मोदी ने बताया कि कमला प्रसाद-बिसेसर के पूर्वज एक सदी पहले बिहार के इसी गांव से त्रिनिदाद पहुंचे थे.

प्रधानमंत्री बनने के बाद 2012 में कमला प्रसाद-बिसेसर ने अपने पूर्वजों के गांव भेलूपुर का दौरा किया था. इस बेहद निजी और भावनात्मक यात्रा के दौरान उन्होंने गांववासियों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं आज जो कुछ भी हूं, वह मेरे पूर्वजों की वजह से है. यह मेरे डीएनए में है.” उन्होंने उस समय की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि जब उनके पूर्वज भारत से गए थे, तब न टेलीफोन था, न सोशल मीडिया. पढ़ाई-लिखाई का भी अभाव था, लेकिन वे अपने साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों की गहरी छाप लेकर गए.

इस दौरे के दौरान उन्होंने खुद को “गांव की पोती” कहकर संबोधित किया और 90 मिनट से अधिक समय गांव में बिताया. उनके साथ उनके पति डॉ. ग्रेगरी बिसेसर और 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी था. कमला प्रसाद-बिसेसर का भारतीय मूल का यह संबंध प्रमाणिक शोधों से पुष्ट हुआ है. त्रिनिदाद के शोधकर्ता शम्सुद्दीन और भारत के एम. एन. तिवारी ने साझा प्रयासों से यह पता लगाया कि 24 अक्टूबर, 1889 को राम लखन मिश्रा नामक व्यक्ति गिरमिटिया श्रमिक के रूप में त्रिनिदाद पहुँचा था. उनके परिवार के पास उस यात्रा के जहाज का टिकट भी संरक्षित है. बिहार के भूमि अभिलेखों और राजस्व दस्तावेजों के आधार पर यह पुष्टि हुई कि मिश्रा परिवार के वंशज आज भी भेलूपुर गांव में निवास करते हैं.

कमला प्रसाद-बिसेसर का जन्म 22 अप्रैल 1952 को सिपरिया में हुआ. उन्होंने आयर हाई स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और जमैका, इंग्लैंड और त्रिनिदाद से उच्च शिक्षा पूरी की. उन्होंने BA (ऑनर्स), LLB (ऑनर्स), लीगल एजुकेशन सर्टिफिकेट और एक्जीक्यूटिव MBA की डिग्रियां हासिल कीं. उन्होंने अपना करियर शिक्षक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में शुरू किया, और बाद में कानून के क्षेत्र में पूर्णकालिक रूप से काम किया. उनका राजनीतिक जीवन 1987 में एल्डरमैन के रूप में शुरू हुआ, फिर 1994 में उन्हें सीनेट में नियुक्त किया गया. 1995 से वह सिपरिया निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य रही हैं. इस दौरान उन्होंने अटॉर्नी जनरल, शिक्षा मंत्री और कानूनी मामलों के मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया.

2010 में वे त्रिनिदाद और टोबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं. इसके बाद 2015 और 2020 में विपक्ष में रहीं. 2025 में आम चुनावों में जीत हासिल कर उन्होंने 1 मई को दोबारा प्रधानमंत्री पद संभाला. डॉ. ग्रेगरी बिसेसर से विवाहित कमला एक माँ हैं और कैरिबियन क्षेत्र में भारतीय विरासत की एक मजबूत प्रतीक हैं. उनकी यात्रा न केवल राजनीतिक उपलब्धियों की कहानी है, बल्कि यह भारतीय मूल के लोगों की वैश्विक पहचान और सांस्कृतिक जुड़ाव की मिसाल भी है.

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