Ranchi: शहर के पुराने इलाकों में डोरंडा की अपनी एक अलग पहचान है. इसके नाम को लेकर एक रोचक मान्यता आज भी प्रचलित है. कहा जाता है कि कभी डोरंडा रांची शहर से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित एक छोटा और कम आबादी वाला गांव था. समय के साथ इसका विस्तार हुआ और यह रांची के प्रमुख इलाकों में शामिल हो गया.
‘दुरंग-दा’ से पड़ा डोरंडा नाम!
स्थानीय मान्यता के अनुसार, डोरंडा नाम मुंडारी भाषा के दो शब्दों ‘दुरंग’ और ‘दा’ से मिलकर बना है. ‘दुरंग’ का अर्थ गीत या गाना और ‘दा’ का अर्थ पानी माना जाता है. बताया जाता है कि इस नाम का संबंध यहां से होकर बहने वाली हरमू नदी से था.

आज ओवरब्रिज के नीचे जहां हरमू नदी का हिस्सा गंदे नाले के रूप में दिखाई देता है, माना जाता है कि कभी यहां नदी तेज प्रवाह के साथ बहती थी. बहते पानी की कल-कल और मधुर आवाज के कारण इस जगह को ‘दुरंग-दा’, यानी ‘पानी का गीत’ या ‘गाता हुआ पानी’ कहा जाने लगा.
समय के साथ अंग्रेजी शासन के दौरान ‘दुरंग-दा’ के उच्चारण में बदलाव आया और यह धीरे-धीरे ‘डोरंडा’ के नाम से जाना जाने लगा. बाद में यही नाम पूरे इलाके की पहचान बन गया.
Note: हालांकि, डोरंडा नाम की उत्पत्ति को लेकर यह एक लोकप्रिय स्थानीय मान्यता है. ऐतिहासिक दस्तावेजों में इसके नाम की व्युत्पत्ति के अलग-अलग मत भी मिलते हैं.


