प्रलय की मछली की वापसी: सुनामी की आशंका बढ़ी

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New Delhi: हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के तटों पर तीन विशालकाय ओरफिश (Oarfish) के बहकर आने की घटनाओं ने दुनियाभर में चिंता और जिज्ञासा को जन्म दिया है. इन मछलियों को अक्सर “डूम्सडे फिश” या “प्रलय की मछली” कहा जाता है, क्योंकि लोककथाओं और ऐतिहासिक मान्यताओं के अनुसार इनका दिखना भूकंप, सुनामी या किसी बड़ी प्राकृतिक आपदा का संकेत माना जाता है. वैज्ञानिक भले ही इस मान्यता पर पूरी तरह सहमत न हों, लेकिन बार-बार सामने आ रही घटनाएं लोगों की आशंकाओं को और भी बल देती हैं.

ओरफिश की लंबाई 30 फीट तक हो सकती है

ओरफिश समुद्र की गहराई में 200 से 1000 मीटर तक पाई जाने वाली मछलियां हैं, जिनकी लंबाई 30 फीट तक हो सकती है. इनका सतह पर दिखना बहुत ही दुर्लभ होता है. इन मछलियों के मरकर किनारे पर बहने की घटनाओं ने समुद्री वैज्ञानिकों और आम लोगों को चौंका दिया है. इस सप्ताह पहले तस्मानिया के पश्चिमी तट पर एक विशाल ओरफिश देखी गई और उसके तुरंत बाद न्यूजीलैंड के डुनेडिन और क्राइस्टचर्च के पास दो सिर रहित ओरफिश पाई गईं.

ओरफिश की उपस्थिति से जापान की लोककथाओं में वर्णित ‘रियुगु नो त्सुकाई’ की यादें ताजा हो गई हैं, जहां इसे ‘समुद्र के देवता का दूत’ कहा जाता है. 2011 के तोहोकू भूकंप और सुनामी से पहले भी जापान के तटों पर कई ओरफिश देखी गई थीं, जिससे यह धारणा और मजबूत हुई कि ये मछलियां भूकंपीय हलचलों की पूर्व सूचना देती हैं.

वैज्ञानिक इस रहस्य को अब तक पूरी तरह नहीं समझ पाए हैं. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि ओरफिश की मौत का कारण बीमारी या चोट हो सकती है, जिससे वे बहकर सतह पर आ जाती हैं. वहीं कुछ अन्य मानते हैं कि समुद्र के भीतर हो रही हलचलें जैसे टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधि, ज्वालामुखी विस्फोट या तापमान में तेज़ बदलाव इन्हें सतह की ओर धकेल सकते हैं.

इस बीच, जापान की एक रहस्यमय भविष्यवक्ता रयो तातसुकी, जिन्हें “जापानी बाबा वेंगा” कहा जा रहा है, ने 5 जुलाई 2025 को एक विनाशकारी सुनामी की भविष्यवाणी की है. उनके अनुसार, जापान और फिलीपींस के बीच समुद्र में एक बड़ी दरार बनेगी, जिससे समुद्र का जल स्तर खतरनाक रूप से बढ़ेगा और एक भयानक सुनामी उत्पन्न होगी. यह सुनामी 2011 की त्रासदी से तीन गुना अधिक भयावह बताई जा रही है. तातसुकी ने यह भी दावा किया कि समुद्र “उबलने” लगेगा, जो किसी बड़े समुद्री ज्वालामुखी या भूकंप का संकेत हो सकता है.

हालांकि वैज्ञानिक समुदाय भविष्यवाणियों और लोक मान्यताओं को प्रमाणिक नहीं मानता, लेकिन लगातार हो रही घटनाएं और ओरफिश की उपस्थिति एक रहस्यमयी पैटर्न की ओर इशारा करती हैं. यह निश्चित रूप से गहरे समुद्र के रहस्यों और हमारे पर्यावरण पर मंडराते खतरों को और गंभीरता से समझने की आवश्यकता को रेखांकित करता है.

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